1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. UAE ने किया OPEC और OPEC+ से अलग होने का ऐलान, जानें क्या सऊदी अरब है इसकी वजह

UAE ने किया OPEC और OPEC+ से अलग होने का ऐलान, जानें क्या सऊदी अरब है इसकी वजह

 Published : Apr 28, 2026 07:37 pm IST,  Updated : Apr 28, 2026 07:37 pm IST

संयुक्त अरब अमीरात द्वारा OPEC और OPEC+ से अलग होने की खबर सामने आई है, जिससे वैश्विक तेल बाजार में हलचल की आशंका है। रिपोर्ट्स में सऊदी अरब के साथ प्रतिस्पर्धा और उत्पादन नीति को इस अलगाव की संभावित वजह बताया जा रहा है।

UAE OPEC exit, UAE OPEC+ withdrawal, Saudi Arabia oil dispute- India TV Hindi
यूएई के प्रेसिडेंट मोहमद बिन जायद अल नाहयान। Image Source : AP FILE

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मंगलवार को घोषणा की है कि वह 1 मई से तेल उत्पादक समूह OPEC और OPEC+ से बाहर निकल जाएगा। यह कदम लंबे समय से चर्चा में था, क्योंकि उत्पादन पर लगी सीमाओं को लेकर UAE में असंतोष बढ़ रहा था और क्षेत्रीय स्तर पर सऊदी अरब के साथ संबंध भी तनावपूर्ण होते जा रहे थे। खास बात यह है कि UAE कई दशकों से OPEC का सदस्य रहा है। सबसे पहले 1967 में अबू धाबी के माध्यम से यह संगठन से जुड़ा था और बाद में 1971 में देश बनने के बाद UAE पूर्ण सदस्य बना।

सऊदी से प्रतिस्पर्धा बनी अलगाव की वजह?

हाल के वर्षों में UAE ने मध्य पूर्व में अपनी स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की कोशिश की है, जो कई मुद्दों पर सऊदी अरब की नीतियों से अलग रही है। खासकर तब, जब सऊदी अरब ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के नेतृत्व में विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए आक्रामक आर्थिक नीतियां अपनाईं, जिससे दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई। UAE ने अपनी सरकारी समाचार एजेंसी WAM के जरिए OPEC और OPEC+ से अलग होने का ऐलान किया। बयान में कहा गया कि यह फैसला देश की दीर्घकालिक रणनीति और आर्थिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

'बाजार में अतिरिक्त तेल उत्पादन जारी रखेंगे'

UAE ने कहा कि वह अपनी घरेलू ऊर्जा उत्पादन क्षमता में तेजी से निवेश कर रहा है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक जिम्मेदार, भरोसेमंद और भविष्य उन्मुख भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। बयान में यह भी कहा गया कि OPEC से बाहर होने के बाद भी UAE धीरे-धीरे और संतुलित तरीके से बाजार में अतिरिक्त तेल उत्पादन जारी रखेगा, जो मांग और बाजार की स्थिति के अनुसार होगा। OPEC, जिसका मुख्यालय वियना में है, लंबे समय से वैश्विक तेल बाजार में एक प्रमुख संगठन माना जाता रहा है।

हाल के वर्षों में कम हुआ है OPEC का असर

हाल के वर्षों में अमेरिका द्वारा तेल उत्पादन बढ़ाने के कारण OPEC का बाजार प्रभाव कुछ कम हुआ है। सऊदी अरब अब भी OPEC का सबसे प्रभावशाली सदस्य माना जाता है। UAE और सऊदी अरब के बीच आर्थिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ी है, खासकर लाल सागर क्षेत्र में। दोनों देशों ने 2015 में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ एक सैन्य गठबंधन में साथ काम किया था, लेकिन बाद में संबंधों में तनाव आ गया। UAE के इस फैसले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार और मध्य पूर्व की भू-राजनीति पर महत्वपूर्ण असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश